न्यूयॉर्क के नए मेयर जोहरान ममदानी ने उमर खालिद को लिखी चिट्ठी:
“हम आपके बारे में सोचते रहते हैं”
तिहाड़ में बंद जेएनयू छात्र को मिला अमेरिकी समर्थन — शपथ ग्रहण वाले दिन सामने आया पत्र
नई दिल्ली/न्यूयॉर्क। दिल्ली की तिहाड़ जेल में पिछले करीब 5 सालों से बंद जेएनयू के पूर्व छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता उमर खालिद को अब अमेरिका से बड़ा समर्थन मिला है। न्यूयॉर्क शहर के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी ने उमर खालिद को एक भावनात्मक पत्र लिखकर उनके प्रति एकजुटता (Solidarity) जताई है।
यह पत्र उसी दिन सामने आया, जब जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क के मेयर के रूप में शपथ ली थी। गौरतलब है कि ममदानी भारतीय मूल के हैं और न्यूयॉर्क जैसे बड़े शहर के पहले मुस्लिम मेयर बने हैं।
चिट्ठी में क्या लिखा है?
बिना तारीख के इस पत्र में ममदानी ने उमर खालिद के परिवार से हुई अपनी बातचीत का जिक्र किया है।
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भावनात्मक संदेश: उन्होंने लिखा कि वे उमर के विचारों और उनके संघर्ष को लगातार याद करते हैं।
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परिवार से मुलाकात: पत्र में ममदानी ने लिखा, “मुझे आपके माता-पिता से मिलकर अच्छा लगा और हम सभी आपके बारे में सोचते रहते हैं।”
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पत्र
यह हाथ से लिखा गया पत्र उमर खालिद की पार्टनर बनोज्योत्सना लाहिरी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया। पत्र में ममदानी ने उमर की तरफ से नफरत और कड़वाहट के खिलाफ कही गई बातों को याद करते हुए उनकी मानसिक मजबूती (Mental Strength) की सराहना की है।
पहले भी समर्थन में बोल चुके हैं ममदानी
यह पहली बार नहीं है जब जोहरान ममदानी ने उमर खालिद का समर्थन किया हो।
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जून 2023: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले न्यूयॉर्क में आयोजित एक कार्यक्रम में, जब ममदानी ‘न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली’ के सदस्य थे, तब उन्होंने उमर खालिद की तरफ से जेल से लिखे गए पत्र के कुछ अंश सार्वजनिक रूप से पढ़े थे।
अमेरिकी सांसदों ने भी उठाई थी आवाज
उमर खालिद के मामले को लेकर इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय दबाव देखने को मिला था। 8 अमेरिकी सांसदों ने वॉशिंगटन स्थित भारतीय राजदूत को पत्र लिखकर उमर खालिद को जमानत देने और निष्पक्ष व समयबद्ध सुनवाई की मांग की थी। इस पहल में कई प्रमुख डेमोक्रेट सांसद शामिल थे।
उमर खालिद: आरोप और मौजूदा स्थिति
38 वर्षीय उमर खालिद को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था।
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आरोप: उन पर भारतीय दंड संहिता (IPC) और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
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जमानत: अब तक उन्हें नियमित जमानत नहीं मिल पाई है। हाल ही में बहन की शादी में शामिल होने के लिए उन्हें सीमित समय के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी, जिसमें बोलने और सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदियां थीं।
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