मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ऐतिहासिक पहल:
आयुष्मान आरोग्य योजना में अब पूरे देश में इलाज की सुविधा
गंभीर रोगियों को मिलेंगे बेहतर विकल्प, 30 हजार से अधिक अस्पताल नेटवर्क में शामिल
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेश में लागू की गई ‘मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना’ (MAA) अब पूरे देश के लिए मिसाल बन गई है। योजना में शामिल करोड़ों परिवार अब देश के दूसरे राज्यों में भी निःशुल्क उपचार ले सकेंगे।
ऐतिहासिक फैसला — अब राजस्थान से बाहर भी मुफ्त इलाज
मुख्यमंत्री की ऐतिहासिक पहल एवं चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के प्रयासों से अब इस योजना में देश के 30 हजार से अधिक अस्पतालों का बड़ा नेटवर्क शामिल हो गया है। इससे प्रदेश के नागरिकों को देश के नामी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकेगा। निःशुल्क उपचार की दिशा में राज्य सरकार का यह बड़ा कदम है, जो यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA) प्रदेश के करोड़ों परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। केन्द्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ (PMJAY) को एकीकृत कर वृहद रूप में संचालित की गई यह योजना आज न केवल प्रदेश के भीतर, बल्कि प्रदेश की सीमाओं के बाहर भी निःशुल्क और कैशलेस इलाज की गारंटी बन चुकी है।
आउट बाउंड पोर्टेबिलिटी: 19 दिसम्बर से सुविधा शुरू
राज्य सरकार ने इस योजना में करीब 6 माह पहले ‘इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी’ लागू की थी। इसके पहले चरण में ‘इन बाउण्ड पोर्टेबिलिटी’ लागू की गई थी, जिसके तहत दूसरे राज्यों के नागरिकों को राजस्थान में इलाज की सुविधा दी गई थी। अब 19 दिसम्बर से इस योजना में ‘आउट बाउण्ड पोर्टेबिलिटी’ की सुविधा भी प्रारंभ कर दी गई है। इससे राजस्थान के नागरिक देश के अन्य राज्यों में निःशुल्क उपचार करा सकेंगे।
गंभीर रोगियों की पीड़ा होगी दूर
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि अब तक गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए कई मरीजों को मजबूरी में गुजरात और दिल्ली जैसे अन्य राज्यों में जाकर इलाज कराना पड़ता था, जहां उन्हें अपनी जेब से भारी खर्च वहन करना पड़ता था। इस पीड़ा को समझते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है।
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किसे मिलेगा लाभ: इस नई व्यवस्था के तहत अब राजस्थान के पात्र परिवार प्रदेश के बाहर भी एम्पैनल्ड अस्पतालों में कैशलेस इलाज प्राप्त कर सकेंगे।
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दायरा: आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी का लाभ न केवल PMJAY के पात्र परिवारों को मिलेगा, बल्कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के सभी पात्र परिवारों को भी देश के अन्य राज्यों में 25 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध होगा।
नामी अस्पतालों में मिलेगा गुणवत्तापूर्ण इलाज
श्रीमती राठौड़ ने बताया कि आउट बाउण्ड पोर्टेबिलिटी के अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों (तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर) में स्थित लगभग 16 हजार सरकारी और 14 हजार निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी।
प्रमुख राज्यों में अस्पतालों की संख्या:
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उत्तर प्रदेश: 6182 अस्पताल
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गुजरात: 2067 अस्पताल
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महाराष्ट्र: 1709 अस्पताल
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मध्य प्रदेश: 1622 अस्पताल
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हरियाणा: 1366 अस्पताल
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पंजाब: 823 अस्पताल
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दिल्ली: 184 अस्पताल
इस लिस्ट में दिल्ली एवं भोपाल के एम्स (AIIMS), मेदांता, चंडीगढ़ का पीजीआई (PGI), लखनऊ का केजीएमयू (KGMU), गुजरात के यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एण्ड रिसर्च सेंटर, द गुजरात कैंसर एण्ड रिसर्च सेंटर, बनास मेडिकल कॉलेज एण्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट (पालनपुर) सहित कई नामी अस्पताल शामिल हैं।
अब तक 7100 करोड़ का कैशलेस इलाज
राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल ने बताया कि आउट बाउण्ड पोर्टेबिलिटी के तहत अब तक (सिर्फ 15 दिनों में) लगभग 350 रोगियों ने दूसरे राज्यों में उपचार प्राप्त कर लिया है।
योजना के आंकड़े एक नजर में:
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लाभार्थी: प्रदेश के 1.36 करोड़ पात्र परिवार।
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कवरेज: 25 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार।
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पैकेज: करीब 2200 प्रकार के उपचार पैकेज शामिल हैं (कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग, अंग प्रत्यारोपण आदि)।
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सफलता: पिछले दो वर्ष में 37 लाख से अधिक मरीजों को 7100 करोड़ रुपये से अधिक का निःशुल्क उपचार दिया जा चुका है।
‘इलाज सबके लिए‘ का संकल्प
आउट बाउण्ड पोर्टेबिलिटी का निर्णय उन लाखों मरीजों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत है, जिन्हें गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों और विशेष अस्पतालों की आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के माध्यम से राजस्थान सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में न तो दूरी बाधा बनेगी और न ही आर्थिक स्थिति।
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