ब्रिटेन में मुस्लिम महिला पुलिस के लिए ‘मैग्नेटिक हिजाब’
लेस्टरशायर पुलिस की पहल — सुरक्षा और समावेशिता की ओर कदम
नई दिल्ली (एजेंसी)। यूरोप के अलग-अलग हिस्सों में अक्सर हिजाब प्रतिबंध की खबरें सामने आती रहती हैं। इस बीच हाल ही में ब्रिटेन की पुलिस एक खास तरह के हिजाब को बढ़ावा दे रही है। इस हिजाब को ‘ब्लू लाइट हिजाब’ या ‘मैग्नेटिक हिजाब’ का नाम दिया गया है। दरअसल, यह हिजाब खास तौर पर महिला पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
लेस्टरशायर पुलिस ने महिला अधिकारियों को ब्लू लाइट हिजाब पहनने को इजाजत दे दी है। वहीं ब्रिटेन की दूसरी पुलिस फोर्सेज भी इसे ऑर्डर कर रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पहल का मकसद पुलिस फोर्स को धार्मिक और लैंगिक आधार पर समावेशी बनाना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम महिलाएं पुलिस सेवा से जुड़ सकें।
इस्लामोफोबिया और हमलों का डर
गौरतलब है कि ब्रिटेन में हाल के कुछ सालों में पुलिस फोर्स के भीतर इस्लामोफोबिया के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, खासकर महिला अधिकारियों के साथ।
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चौकाने वाले आंकड़े: इस पर बात करते हुए एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि 2025 में ही उन्हें कम से कम 41 बार नस्लीय हमलों का सामना करना पड़ा।
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हिंसक घटनाएं: कई मौकों पर फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनों की ड्यूटी के दौरान, उनका हिजाब खींचने की कोशिश की गई और उन्हें हिजाब जलाने की धमकी भी दी गई।
कैसे रक्षा करेगा मैग्नेटिक हिजाब?
मैग्नेटिक हिजाब, अपने नाम के ही अनुरूप दो हिस्सों वाला हिजाब सिस्टम है, जिसे विशेष तकनीक से बनाया गया है।
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क्विक रिलीज मैकेनिज्म: इसमें एक जल्दी अलग हो जाने वाला मैकेनिज्म (Quick Release) लगाया गया है। अगर किसी टकराव या झड़प के दौरान कोई अपराधी हिजाब को खींचता है, तो उसका बाहरी हिस्सा तुरंत अलग हो जाएगा। इससे गला घुटने या गंभीर चोट का खतरा कम हो जाएगा।
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मर्यादा और सुरक्षा: इस डिजाइन में एक ‘अंडरकैप’ भी है, जिसका आगे का हिस्सा चौड़ा है। यह अंडरकैप अपनी जगह पर बना रहता है, भले ही ऊपर का हिस्सा हट जाए। इससे महिला पुलिसकर्मी की मर्यादा बनी रहती है और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।
पुलिस का कहना है कि यह डिजाइन सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ धार्मिक समावेशन (Inclusivity) को भी बढ़ावा देता है।
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