यूसुफ़ खान उर्फ दिलीप कुमार:
‘अभिनय सम्राट’ का सफर (1922 – 2021)
“दिलीप कुमार को एक सिनेमाई किंवदंती के रूप में याद किया जाएगा” – पीएम मोदी
मुंबई/नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के इतिहास में अगर किसी अभिनेता को सही मायनों में ‘अभिनय सम्राट’ कहा जा सकता है, तो वह दिलीप कुमार हैं। 11 दिसंबर 1922 से 7 जुलाई 2021 तक का उनका जीवन एक ऐसे कलाकार का सफर रहा, जिसने भारतीय सिनेमा को ‘मेथड एक्टिंग’ (Method Acting) से रूबरू कराया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा था, “दिलीप कुमार को एक सिनेमाई किंवदंती के रूप में याद किया जाएगा।”
पेशावर से मुंबई तक: यूसुफ खान से बने दिलीप कुमार
दिलीप कुमार का जन्म ब्रिटिश भारत के पेशावर (अब पाकिस्तान) में हुआ था और उनका असली नाम मोहम्मद यूसुफ़ ख़ान था।
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उनके पिता मुंबई आ बसे थे।
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बॉम्बे टॉकीज की मालकिन देविका रानी के कहने पर उन्होंने अपना नाम बदलकर दिलीप कुमार रख लिया।
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उनकी पहली फिल्म ‘ज्वार भाटा’ (1944) थी, लेकिन उन्हें असली पहचान 1947 में आई फिल्म ‘जुगनू’ और 1949 की ‘अंदाज’ से मिली।
‘ट्रेजिडी किंग’ का दौर और ब्लॉकबस्टर फिल्में
दिलीप कुमार ने अपने छह दशक लंबे करियर में लगभग 80% सफलता दर हासिल की, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। ‘दीदार’ (1951) और ‘देवदास’ (1955) जैसी फिल्मों में गंभीर और दुखद भूमिकाओं के कारण उन्हें ‘ट्रेजिडी किंग’ का खिताब मिला।
प्रमुख फिल्में:
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मुगल-ए-आज़म (1960): के. आसिफ की यह फिल्म भारतीय इतिहास की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक है। इसमें उन्होंने ‘शहज़ादा सलीम’ का अमर किरदार निभाया।
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गंगा जमुना (1961): इस फिल्म का निर्माण भी दिलीप कुमार ने किया था। इसमें उन्होंने और उनके भाई नासिर खान ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं।
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अन्य हिट्स: शहीद, मेला, दाग, नया दौर, मधुमती, पैगाम, राम और श्याम।
दूसरी पारी: ‘एंग्री ओल्ड मैन’ से पहले का जलवा
1976 में 5 साल के ब्रेक के बाद, 1981 में दिलीप कुमार ने फिल्म ‘क्रांति’ से जोरदार वापसी की। अपनी दूसरी पारी में उन्होंने चरित्र अभिनेता के रूप में दमदार भूमिकाएं निभाईं।
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शक्ति (1982): रमेश सिप्पी की इस फिल्म में उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ काम किया और फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता।
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विधाता, कर्मा और सौदागर: सुभाष घई के साथ उन्होंने विधाता, कर्मा और सौदागर (राज कुमार के साथ) जैसी सुपरहिट फिल्में दीं।
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उनकी आखिरी फिल्म 1998 में आई ‘किला’ थी।
सम्मान और पुरस्कार: एक नजर
दिलीप कुमार एकमात्र ऐसे भारतीय हैं जिन्हें पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘निशान-ए-इम्तियाज़’ मिला है।
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दादा साहेब फाल्के पुरस्कार: 1994 में सम्मानित।
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पद्म विभूषण (2015) और पद्म भूषण (1991): भारत सरकार द्वारा सम्मानित।
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फिल्मफेयर: वे सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर जीतने वाले पहले अभिनेता थे और उन्होंने इसे 8 बार जीता।
निजी जीवन और अंतिम समय
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विवाह: 1966 में 44 वर्ष की उम्र में उन्होंने 22 वर्षीय अभिनेत्री सायरा बानो से शादी की।
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राजनीति: वे साल 2000 से 2006 तक राज्यसभा के सदस्य भी रहे।
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निधन: 7 जुलाई 2021 को 98 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया। वे भारतीय सिनेमा के ऐसे स्तंभ थे, जिनका अभिनय आज भी शाहरुख खान से लेकर अमिताभ बच्चन तक, कई पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
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