आजम खान भड़काऊ भाषण मामले में दोषमुक्त:
कोर्ट ने दी बड़ी राहत
अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में रहा नाकाम
रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर के पूर्व सांसद मोहम्मद आजम खान को भड़काऊ भाषण (Hate Speech) मामले में बड़ी राहत मिली है। रामपुर की MP-MLA स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए आजम खान को दोषमुक्त करार दिया है।
2019 लोकसभा चुनाव का है मामला
यह पूरा मामला वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान का है। उस वक्त आजम खान सपा-बसपा गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में रामपुर से चुनाव लड़ रहे थे।
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आरोप था कि आजम खान ने रामपुर सपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रशासन और अधिकारियों के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणी की थी।
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तत्कालीन कांग्रेस नेता और वर्तमान में आम आदमी पार्टी से जुड़े फैसल खान लाला ने रामपुर शहर कोतवाली में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी।
क्या था विवादित बयान?
फैसल खान लाला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि आजम खान ने भीड़ को उकसाते हुए कहा था:
“अधिकारियों ने पहले जिन जिलों में काम किया है, वहां कमजोरों को तेजाब डालकर गलाया गया है और अब वे रामपुर को खून से नहलाना चाहते हैं।”
वादी पक्ष की ओर से भाषण की कथित वीडियो सीडी भी कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश की गई थी।
जेल में ही रहेंगे आजम खान
करीब चार साल तक चली सुनवाई के बाद MP-MLA कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष अपने आरोप साबित नहीं कर सका, जिसके बाद उन्हें बरी कर दिया गया। हालांकि, इस फैसले के बावजूद आजम खान की रिहाई नहीं होगी।
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सजा और कस्टडी: आजम खान 17 नवंबर 2025 से रामपुर जेल में बंद हैं।
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अन्य मामले: MP-MLA कोर्ट ने उन्हें एक अन्य मामले में सात साल की सजा सुनाई थी। उन पर सबसे अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से ज्यादातर अब भी विचाराधीन हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि जहां एक तरफ उन पर मुकदमों का पहाड़ है, वहीं यह फैसला उनके लिए कानूनी मोर्चे पर एक बड़ी राहत और नैतिक जीत साबित हुआ है।
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