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मुख्यमंत्री जैसे उच्च पदों पर बैठे नेता ही महिला सम्मान को ठेस पहुंचाते हैं:

जयपुर

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नीतीश कुमार की हरकत पर सवाल

नीतीश कुमार द्वारा मंच पर महिला का नकाब हटाने से मुस्लिम समाज में भारी आक्रोश

जयपुर (रॉयल पत्रिका)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक सार्वजनिक मंच पर अपने हाथों से एक मुस्लिम महिला का नकाब हटाने की घटना ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना से न केवल पूरे महिला वर्ग के सम्मान को ठेस पहुंची है, बल्कि देश का मुस्लिम समाज भी बेहद गुस्से में है। सवाल यह उठता है कि जब उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे नेता ही ऐसी हरकत करेंगे, तो समाज में आम राजनीतिक कार्यकर्ताओं से क्या अपेक्षा की जा सकती है?

धार्मिक मान्यताओं और मर्यादा का उल्लंघन

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक अनुभवी राजनेता हैं और उन्हें सभी धार्मिक मान्यताओं की अच्छी समझ है। वे भली-भांति जानते हैं कि इस्लाम में हिजाब और नकाब का कितना महत्व है।

  • मर्यादा का सवाल: महिला किसी भी समाज, वर्ग या धर्म की हो, उसकी मर्जी के बिना उसे कोई छू नहीं सकता। भारत में पर्दा और नकाब महिला सम्मान का सूचक माना जाता है।

  • दोगला रवैया: सवाल यह भी है कि यदि मंच पर मुस्लिम महिला की जगह किसी दूसरे समाज की महिला होती, तो क्या नीतीश कुमार ऐसा कर पाते? और यदि कर भी लेते, तो क्या बिहार इतना शांत रह पाता?

  • आम आदमी होता तो?: यदि मुख्यमंत्री की जगह किसी आम कार्यकर्ता ने ऐसी हरकत की होती, तो उसके परिणाम क्या होते, यह सोचने वाली बात है।

धैर्य की परीक्षा ले रही राजनीति

विश्लेषण में कहा गया है कि देश में वर्तमान में मुस्लिम समाज ही ऐसा समाज है जो देश के कानून का सबसे ज्यादा पालन कर रहा है।

  • यह समाज सबसे ज्यादा सहनशील और धैर्यवान बना हुआ है।

  • मॉब लिंचिंग, बुलडोजर कार्रवाई और सार्वजनिक स्थानों पर बेइज्जती सहन करने के बाद भी मुस्लिम वर्ग ने धैर्य बनाए रखा है।

  • आरोप है कि मुस्लिम समुदाय को उकसाने की जानबूझकर कोशिशें की जा रही हैं और उन्हें राजनीति में सिर्फ एक ‘पॉलिटिकल टूल’ बना दिया गया है। राजनीतिक दलों का मकसद सिर्फ सत्ता में बने रहना है।

क्या मुख्यमंत्री का मानसिक संतुलन गड़बड़ा गया है?

इस घटना के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।

  • आलोचकों का मानना है कि हिजाब खींचने की घटना को भले ही राजनीतिक रंग दिया जा रहा हो, लेकिन नीतीश कुमार की मौजूदा मानसिक स्थिति ठीक दिखाई नहीं देती।

  • एक अनुभवी नेता जानबूझकर ऐसी हरकत नहीं कर सकता।

  • अब यह विचार करने योग्य विषय है कि क्या उन्हें मुख्यमंत्री पद पर बने रहना चाहिए या नहीं?

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