संजौली मस्जिद की अवैध मंजिल गिराने का काम शुरू:
हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
एक महीने में हट जाएगा अवैध ढांचा
शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बहुचर्चित संजौली मस्जिद के अवैध घोषित हिस्से को गिराने का काम फिर से शुरू हो गया है। हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में प्रशासन की निगरानी और मस्जिद कमेटी के सहयोग से यह कार्रवाई की जा रही है।
तीसरी मंजिल पर चला हथौड़ा
संजौली मस्जिद की चार मंजिला इमारत में से ऊपर की दो अवैध मंजिलों को पहले ही हटाया जा चुका है।
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अब बची हुई एक ऊपरी मंजिल को गिराने का काम चल रहा है।
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वक्फ बोर्ड के मुताबिक, एक महीने के भीतर मस्जिद की अवैध घोषित सभी मंजिलों को पूरी तरह हटा दिया जाएगा।
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बजट की मंजूरी और कागजी औपचारिकताओं के कारण बीच में काम रुका था, जिसे अब दोबारा शुरू कर दिया गया है।
मस्जिद कमेटी ने क्या कहा?
संजौली मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद लतीफ ने शुक्रवार को बताया कि हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करना अनिवार्य है।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि कमेटी ने पहले ही नगर निगम आयुक्त से ऊपर की तीन अवैध मंजिलों को हटाने पर सहमति जताई थी।
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निचली मंजिलें सुरक्षित: मोहम्मद लतीफ ने बताया कि मस्जिद की निचली दो मंजिलों (ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर) को लेकर हाईकोर्ट ने यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने के आदेश दिए हैं, इसलिए उन पर फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
16 साल चला केस और कानूनी लड़ाई
संजौली मस्जिद का विवाद लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया में उलझा हुआ था। यह मामला करीब 16 वर्षों तक नगर निगम आयुक्त कोर्ट में चला और 50 से अधिक बार सुनवाई हुई।
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अवैध निर्माण: कोर्ट और जिला अदालत ने माना कि मस्जिद का निर्माण बिना वैध अनुमति और बिना नक्शा पास कराए किया गया था।
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अदालती आदेश: 5 अक्तूबर 2024 को नगर निगम आयुक्त कोर्ट ने अनधिकृत हिस्से को हटाने का आदेश दिया था।
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नियमितीकरण खारिज: निचली दो मंजिलों को नियमित करने (Regularize) के आवेदन को नगर निगम ने 3 मई 2025 को खारिज कर दिया था।
जब विवाद ने लिया था उग्र रूप
यह मामला तब और गरमा गया था जब 31 अगस्त 2024 को शिमला के मैहली इलाके में दो गुटों के बीच मारपीट हुई थी।
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इसके बाद सितंबर 2024 में संजौली में हिंदू संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था।
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प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें कई लोग जख्मी हुए और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था।
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