जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने कट्टरपंथ की निंदा की
सुरक्षा में नाकामी और समुदाय को बदनाम करने पर चिंता
दिल्ली ब्लास्ट और सुरक्षा खामियों पर सवाल
नई दिल्ली। जमाअत-ए-इस्लामी हिंद (JIH) के अध्यक्ष सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने मुख्यालय में प्रेस मीट को संबोधित करते हुए हर तरह के उग्रवाद और अतिवाद की स्पष्ट निंदा दोहराई। उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर गहरी चिंता व्यक्त की।
“हिंसा का कोई धर्म नहीं”
दिल्ली ब्लास्ट पर सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने कहा, “हम इस क्रूर हमले की कड़ी निंदा करते हैं जिसमें बेगुनाहों की जान चली गई। जमाअत हर तरह के उग्रवाद, अतिवाद और हिंसा की कड़ी निंदा करती है—चाहे गुनहगार कोई भी हो और उसका मकसद कुछ भी हो। आत्मघाती हमले और बड़े पैमाने पर हिंसा मानव सम्मान, नैतिकता और सभ्यता के हर उसूल का उल्लंघन करते हैं।”
उन्होंने लाल किले में हुए धमाके और हाल ही में श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए बारूद-धमाके का जिक्र करते हुए सुरक्षा खामियों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं सुरक्षा तंत्र में लगातार कमजोरियों को प्रदर्शित करती हैं।
मीडिया ट्रायल और समुदाय की बदनामी
हुसैनी ने मीडिया के एक हिस्से द्वारा फैलाई जा रही रूढ़िबद्ध धारणा और पूरे समुदाय को बदनाम करने की कोशिशों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसी बातें समाज में फूट डालती हैं और परोक्ष रूप से आतंकवादियों की रणनीति में ही मदद करती हैं।
वक्फ रजिस्ट्रेशन: समय बढ़ाने की मांग
वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन के मुद्दे पर अध्यक्ष ने बताया कि जमाअत ने एक ‘सेंट्रल वक्फ हेल्प डेस्क’ और ‘स्टेट वक्फ सेल’ बनाया है।
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हेल्प डेस्क: करीब 150 प्रशिक्षित वॉलंटियर मुतवल्लियों को ‘उम्मीद’ (UMEED) पोर्टल पर डेटा अपलोड करने में मदद कर रहे हैं।
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सरकार से अपील: उन्होंने सरकार से रजिस्ट्रेशन की समय सीमा बढ़ाने और पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों को तुरंत ठीक करने की अपील की, ताकि सिस्टम फेल होने की वजह से किसी वक्फ प्रॉपर्टी का नुकसान न हो।
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विरोध: उन्होंने वक्फ संशोधन अधिनियम 2024 के प्रति अपने सैद्धांतिक विरोध को दोहराया और इसे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।
वायु प्रदूषण और SIR पर चिंता
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प्रदूषण: सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने वायु प्रदूषण पर अस्थाई उपायों के बजाय विज्ञान-आधारित स्थायी समाधान और केंद्र-राज्य सहयोग की अपील की।
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विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR): चुनाव आयोग के SIR अभियान पर उन्होंने BLOs (बूथ लेवल ऑफिसर्स) पर पड़ रहे भारी काम के बोझ और तनाव पर चिंता जताई। जमाअत ने मांग की है कि आयोग स्पष्ट करे कि यह नागरिकता वेरिफिकेशन का अभियान नहीं है, साथ ही फील्ड स्टाफ को मानसिक स्वास्थ्य और चिकित्सा सहायता दी जाए।
प्रेस कांफ्रेंस को जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्षों प्रो. सलीम इंजीनियर और मलिक मोतसिम खान ने भी संबोधित किया।
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