शिक्षा विभाग ने शौर्य दिवस मनाने का आदेश वापस लिया
6 दिसंबर को शौर्य दिवस मनाने का आदेश शिक्षा मंत्री के निर्देश पर निकला था
एम खान जयपुर (रॉयल पत्रिका)। राजस्थान के शिक्षा विभाग ने 6 दिसंबर को स्कूलों में ‘शौर्य दिवस’ मनाने का अपना आदेश रविवार को वापस ले लिया है। यह आदेश शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के निर्देश पर जारी किया गया था, जिसका मुस्लिम संगठनों और विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध किया था।
शिक्षा मंत्री की कार्यशैली पर सवाल
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर आरोप लगते रहे हैं कि वे प्रदेश की शिक्षा प्रणाली में गुणात्मक सुधार और भावी पीढ़ी के भविष्य को उज्ज्वल करने वाले बदलाव लाने के बजाय विवादास्पद मुद्दों को हवा देते हैं।
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6 दिसंबर का इतिहास: 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना हुई थी। वर्तमान में वहां भव्य राम मंदिर बन चुका है और देश-प्रदेश का वातावरण शांत है।
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आदेश का असर: इसके बावजूद, स्कूलों में इस दिन को ‘शौर्य दिवस’ के रूप में मनाने के आदेश को बिना वजह हिंदू-मुस्लिम राजनीति को हवा देने वाला कदम माना गया।
विरोध और सोशल मीडिया पर हलचल
शिक्षा निदेशालय से जारी आदेश जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, राजनीति में हलचल शुरू हो गई। मुस्लिम संगठनों ने 6 दिसंबर को शौर्य दिवस मनाए जाने का पुरजोर विरोध किया और इसे समाज में नफरत फैलाने वाला प्रयास बताया।
सीएम की नापसंदगी और आदेश वापसी
माना जा रहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी शिक्षा मंत्री की इस हरकत को पसंद नहीं किया। विवाद को बढ़ता देख और सीएम के रुख को भांपते हुए रविवार को ही स्कूलों में शौर्य दिवस मनाने का आदेश वापस ले लिया गया।
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