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5 दिसंबर तक वक़्फ़ संपत्तियों का उम्मीद पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ तो क्या होगा?

जयपुर

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धीमी गति और लापरवाही: क्या संपत्तियां हो जाएंगी अवैध?

जयपुर (रॉयल पत्रिका)। राजस्थान प्रदेश में केंद्र सरकार के ‘उम्मीद पोर्टल’ पर वक़्फ़ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन बहुत कम संख्या में हो पाया है। देश के दूसरे प्रदेशों में स्थिति और भी खराब बताई जा रही है। वक़्फ़ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन में वक़्फ़ बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी, दरगाह, मुसाफिरखाना, मस्जिदों और मदरसों की कमेटियों की भारी लापरवाही सामने आ रही है।

क्यों मची है खलबली?

केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट ने 6 महीने पहले ही रजिस्ट्रेशन के निर्देश दिए थे, लेकिन अब मात्र 4 दिन बचे हैं। यदि 5 दिसंबर तक रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ, तो इन संपत्तियों को अवैध घोषित करने का खतरा मंडरा रहा है। इस स्थिति ने मुस्लिम समाज में खलबली मचा दी है।

उम्मीद पोर्टल पर ट्रैफिक और तकनीकी खामियां

अंतिम समय में देश भर से रजिस्ट्रेशन की भीड़ उमड़ने के कारण उम्मीद पोर्टल पर भारी ट्रैफिक है। इसके चलते पोर्टल में बड़ी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं:

  • पोर्टल नहीं खुल रहा है।

  • कागजात डाउनलोड नहीं हो रहे हैं।

  • सर्वर बेहद धीमी गति से चल रहा है।

यदि पोर्टल की ये कमियां दूर नहीं हुईं, तो प्रदेश और देश की सभी संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन हो पाना मुश्किल दिखाई दे रहा है।

रजिस्ट्रेशन की धीमी गति का मुख्य कारण

वक़्फ़ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन की धीमी गति के पीछे सबसे बड़ा कारण जागरूकता की कमी है।

  1. कमेटी की लापरवाही: ज्यादातर वक़्फ़ कमेटियों के सदस्य और पदाधिकारी जागरूक नहीं हैं। उन्हें नक्शे और जरूरी कागजात की जानकारी नहीं है।

  2. अयोग्य सदस्य: कमेटियों में समाज और मोहल्ले के आधार पर सदस्य बनाए गए हैं, जिन्हें कानूनी प्रक्रिया का ज्ञान नहीं है और वे पढ़े-लिखे लोगों की मदद लेने से भी कतराते हैं।

  3. अधिकारियों का रवैया: वक़्फ़ बोर्ड के जिम्मेदार सदस्य और कर्मचारी केवल नौकरी पूरी करने में भरोसा रखते हैं। संपत्तियों के प्रबंधन और लेखा-जोखा पर उनका ध्यान नहीं है।

5 दिसंबर 2025 के बाद क्या होगा?

नये वक़्फ़ अमेंडमेंट बिल 2025 के अनुसार, वक़्फ़ बोर्ड में पहले से रजिस्टर्ड संपत्तियों का केंद्र सरकार के उम्मीद पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है।

  • तारीख बढ़ने की उम्मीद: यदि सरकार चाहे या सुप्रीम कोर्ट दखल दे, तो अंतिम तारीख बढ़ सकती है। कई समाज सेवियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की है।

  • अवैध घोषित होने का खतरा: यदि तारीख नहीं बढ़ती है, तो यह केंद्र सरकार पर निर्भर करेगा कि अनरजिस्टर्ड संपत्तियों को अवैध घोषित किया जाए या नहीं। अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलेगा या उन्हें यथास्थिति में छोड़ा जाएगा, यह फैसला भी सरकार के हाथ में होगा।

जिम्मेदारों का क्या कहना है?

तकनीकी टीम की विफलता: डॉ. खानू खान बुधवाली

राजस्थान बोर्ड ऑफ मुस्लिम वक्फ के चेयरमैन डॉ. खानू खान बुधवाली ने कहा कि पोर्टल 1 दिसंबर 2025 तक सुचारू रूप से कार्य नहीं कर रहा है। तकनीकी टीम द्वारा सर्वर डाउन की समस्या का निवारण न करना गंभीरता का विषय है। हमने मंत्रालय को इस संबंध में कई बार अवगत कराया है। सरकार को तुरंत तकनीकी सुधार के निर्देश देने चाहिए।

रजिस्ट्रेशन के आंकड़े: अबू सुफियान चौहान

राजस्थान बोर्ड ऑफ मुस्लिम वक्फ के कार्यकारी सीईओ अबू सुफियान चौहान ने बताया कि वक्फ बोर्ड की ओर से टीम गठित की गई है जो कमेटियों की मदद कर रही है। आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में अभी तक 19,044 वक्फ संपत्तियों में से केवल 6,840 संपत्तियों का ही उम्मीद पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन हो पाया है।

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