डायबिटीज से डरने की नहीं, संभलने की ज़रूरत:
– रोज़ की ये आदतें हाई ब्लड शुगर को तेजी से करेंगी बैलेंस
भारत को आज “डायबिटीज की राजधानी” कहा जाने लगा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक़, देश में हर 10 में से करीब 1 वयस्क डायबिटीज से प्रभावित है। विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज कोई ऐसी बीमारी नहीं जिसे सिर्फ़ दवाओं से नियंत्रित किया जा सके। असल लड़ाई लाइफस्टाइल यानी रोज़मर्रा की आदतों में सुधार करके जीती जाती है।
स्वस्थ खानपान, नियमित व्यायाम, अच्छी नींद और कम तनाव—ये चार साधारण सी बातें ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने में चमत्कारिक भूमिका निभाती हैं। आइए जानते हैं कि डायबिटीज को रोकने और नियंत्रित रखने के लिए आपको कौन-सी आदतें ज़िंदगी का हिस्सा बनानी चाहिए।
संतुलित आहार – पहला और सबसे ज़रूरी कदम
डायबिटीज को कंट्रोल करने का सबसे अहम तरीका है — संतुलित और सादा आहार। आकाश हेल्थकेयर की एंडोक्रिनोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. मोनिका शर्मा कहती हैं — “संतुलित थाली में फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट होना ज़रूरी है। रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, मीठे पेय और तले हुए भोजन से जितना बचा जाए, उतना अच्छा।”
| संतुलित थाली में क्या होना चाहिए? | किन चीज़ों से दूरी रखें? |
| दाल, पकी हुई सब्ज़ियाँ | चीनी और शुगर वाले पेय |
| साबुत अनाज (गेहूं, ज्वार, बाजरा, ओट्स) | सफेद आटा (मैदा) |
| सलाद, दही | डीप फ्राइड चीज़ें, प्रोसेस्ड फूड |
| विशेषज्ञों की सलाह: जूस के बजाय फल खाएं, चाय-कॉफी में चीनी कम कर दें। | पैक्ड जूस |
रोज़ाना शारीरिक गतिविधि – ब्लड शुगर का सबसे बेहतर इलाज
शारीरिक निष्क्रियता यानी बैठे-बैठे जि़ंदगी गुज़ारना डायबिटीज के सबसे बड़े कारणों में से है। फिटनेस एक्सपर्ट अर्चना वर्मा कहती हैं— “हर दिन कम से कम 30 मिनट तेज़ वॉक, साइकिलिंग या योगा करना ज़रूरी है।”
| छोटी-छोटी आदतें जो बड़ा असर डालती हैं | प्रभाव |
| लिफ्ट की बजाय सीढ़ियाँ लें। | शरीर के मेटाबॉलिज़्म को सक्रिय रखती हैं। |
| ऑफिस में हर 30–40 मिनट उठकर कुछ कदम चलें। | ब्लड शुगर को तेजी से बैलेंस करती हैं। |
| रात के खाने के बाद 15 मिनट की हल्की वॉक। | तनाव कम होता है। |
| घर के छोटे-मोटे काम खुद करें। | ब्लड शुगर तेजी से संतुलित होता है। |
पर्याप्त नींद – शरीर का प्राकृतिक हीलिंग सिस्टम
नींद सिर्फ़ आराम नहीं, बल्कि शरीर में चलने वाली कई ‘इनर प्रोसेस’ का मुख्य आधार है। डॉ. रितु अरोड़ा, डायबिटीज विशेषज्ञ बताती हैं— “नींद कम होने से इंसुलिन की कार्यक्षमता कम हो जाती है। इससे शरीर में ग्लूकोज़ जमा होने लगता है और ब्लड शुगर बढ़ जाती है।”
| कितनी नींद लें? | नींद को बेहतर कैसे बनाएं? |
| वयस्कों को रोज़ाना 7–8 घंटे की अच्छी नींद ज़रूरी है। | सोने से 1 घंटा पहले मोबाइल-लैपटॉप बंद कर दें। |
| कमरे में हल्की रोशनी रखें, रात में भारी भोजन न करें। | |
| गर्म पानी से पैर धोकर सोएं, जिससे तनाव कम होता है। |
स्क्रीन टाइम कम करें – शरीर और दिमाग़ दोनों को आराम दें
डॉ. मोनिका शर्मा कहती हैं— “ज़्यादा स्क्रीन टाइम शारीरिक गतिविधि को कम करता है और तनाव बढ़ाता है। दोनों ही डायबिटीज के लिए खतरनाक हैं।”
| क्या करें? |
| हर 30–40 मिनट में उठकर थोड़ा चलें। |
| आँखों को आराम देने के लिए 20 सेकंड तक दूर देखें। |
| हफ्ते में 1–2 घंटे ‘डिजिटल डिटॉक्स’ रखें। |
| भोजन के समय मोबाइल बिल्कुल न देखें। |
परिवार और सामाजिक वातावरण – साथ चलेगा परिवार, टिकेगी आदत
डायबिटीज कंट्रोल करना सिर्फ़ एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है। जब घर के सभी लोग मिलकर हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाते हैं, तो वह आदत लंबे समय तक चलती है।
| साथ में अपनाई जा सकती हैं ये आदतें |
| वीकेंड पर फैमिली वॉक। |
| घर में मीठा सिर्फ़ खास मौकों पर सीमित किया जाए। |
| जंक फूड की जगह घर का ताज़ा खाना। |
| बच्चों को एक्सरसाइज की आदत डालना और सब मिलकर हेल्दी कुकिंग ट्राई करना। |
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