नगर निगम में पार्षदों का शासन समाप्त
नगर निगम अधिकारी करवाएंगे जनता के काम
एम खान जयपुर (रॉयल पत्रिका)। नगर निगम जयपुर ग्रेटर और हेरिटेज में शुक्रवार 8 नवंबर को पार्षदों का शासन समाप्त हो गया, यानी पार्षदों एवं महापौर का 5 वर्षीय कार्यकाल समाप्त हो गया। नगर निगम में जनता का काम अब नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारियों के द्वारा किया जाएगा।
पार्षदों के बिना निगम के काम
बिना पार्षदों के जयपुर शहर के वार्डों में सफाई, सीवर, सड़क, मरम्मत एवं गंदी नालियों का काम कैसा होगा, आने वाला समय बताएगा।
- माना जा रहा है कि नगर निगम के कार्यों पर पार्षदों के नहीं होने का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा क्योंकि नगर निगम में सक्षम अधिकारी हैं।
- ये अधिकारी पार्षदों की राजनीति के सामने दबाव में रहते थे, जबकि अब आसानी से कार्य करवा सकेंगे।
वैसे पार्षद जनता के छोटे-छोटे कार्य जैसे राशन कार्ड संशोधन, मूल निवास प्रमाण पत्र, आरटीई आवेदन और पुलिस सत्यापन आदि करवाने में मदद करते थे। लेकिन अब जनता को इन कार्यों में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
अधिकारी करवाएंगे जनता का काम
जयपुर नगर निगम वैसे तो सफाई व्यवस्था एवं सड़क मरम्मत सहित अन्य विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के लिए बदनाम है।
- जागरूक क्षेत्र: जहाँ जागरूक जनता एवं पढ़े-लिखे नागरिक रहते हैं (जैसे सी-स्कीम, सिविल लाइन, मालवीय नगर, सांगानेर, विद्याधर नगर एवं वैशाली नगर आदि) वहाँ नगर निगम अधिकारी एवं कर्मचारी ठीक-ठाक काम करते नजर आते हैं।
- कम जागरूक क्षेत्र: दूसरी तरफ जयपुर शहर के चार दिवारी क्षेत्र, कच्ची बस्ती एवं अल्पसंख्यक वर्ग बाहुल्य क्षेत्र जहाँ कम पढ़े-लिखी जनता रहती है, वहाँ गंदगी, सीवर, टूटी-फूटी सड़कों एवं अतिक्रमण की समस्या बढ़ सकती है।
- इन क्षेत्रों में लोग पार्षदों से मौखिक रूप से शिकायत करते थे, लेकिन अब पार्षद नहीं हैं तो नागरिक किसी से शिकायत भी नहीं कर पाएंगे।
नागरिकों को क्या करना चाहिए
नगर निगम जयपुर के नागरिकों को अब थोड़ा सचेत होने की जरूरत है। सरकार में जितने भी कर्मचारी एवं अधिकारी हैं, सब जनता की सेवा एवं जनता के कार्यों के लिए हैं। उनकी जिम्मेदारी है कि जनता की समस्याओं का तत्परता से समाधान करें।
यदि कोई भी कर्मचारी एवं अधिकारी आपकी सफाई, सीवर, बिजली, अतिक्रमण, पानी एवं अन्य कोई समस्या का समाधान नहीं करता है तो:
- मुख्यमंत्री संपर्क पोर्टल पर शिकायत: अपने मोबाइल से 181 पर डायल करके शिकायत दर्ज की जा सकती है।
- अन्य शिकायत नंबर: 2607500, 2747400 (कचरा गाड़ी, सीवरेज) और 14420 (टोल फ्री) पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
यदि बार-बार शिकायत करने पर भी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी ध्यान नहीं देते हैं तो सरकार उनके खिलाफ कार्यवाही कर सकती है, हटा सकती है और आपकी समस्या का समाधान अन्य तरीके से करवा सकती है।
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