कैंसर बना जानलेवा: जानिए कौन-से खानपान और आदतें बढ़ाती हैं Cancer का खतरा, और कैसे रहें सुरक्षित
कैंसर—एक ऐसा नाम जिसे सुनते ही हर इंसान के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। कभी यह बीमारी दुर्लभ मानी जाती थी, लेकिन आज हर गली, हर मोहल्ले, हर परिवार में कोई न कोई व्यक्ति इससे जूझ रहा है। यह बीमारी इतनी ख़तरनाक है कि समय पर इसका पता न चलने पर यह जान भी ले सकती है। पर अच्छी बात यह है कि कैंसर को रोकना संभव है, अगर हम अपने खानपान और जीवनशैली में थोड़े बदलाव लाएं तो।
कैंसर कैसे बढ़ता है?
वैज्ञानिकों के अनुसार कैंसर हमारे शरीर में तब फैलता है जब कोशिकाएं (cells) असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और उनका नियंत्रण खत्म हो जाता है। यह असामान्य कोशिकाएं शरीर के किसी भी हिस्से में ट्यूमर बनाकर फैल सकती हैं। कैंसर को बढ़ने का सबसे बड़ा कारण शरीर में बढ़ती एसिडिटी (Acidity) और टॉक्सिन्स (Toxins) हैं। अगर हमारे शरीर का एनवायरनमेंट एसिडिक हो जाए, तो कैंसर सेल्स को पनपने का मौका मिल जाता है। जबकि अलकलाइन बॉडी (Alkaline Body) में कैंसर सेल्स का बढ़ना मुश्किल हो जाता है। इसीलिए अगर आप कैंसर से दूर रहना चाहते हैं, तो अपने शरीर को “अलकलाइन” बनाए रखना बहुत ज़रूरी है।
कैंसर से बचने के 5 असरदार उपाय
दिन की शुरुआत नींबू पानी से करें
नींबू भले ही स्वाद में खट्टा हो, लेकिन जब यह शरीर में जाता है तो ‘अलकलाइन बायप्रोडक्ट्स’ बनाता है। इससे शरीर का pH लेवल संतुलित रहता है और एसिडिटी कम होती है। सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर पीने से न केवल टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं बल्कि शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) भी बढ़ती है।
ग्रीन वेजिटेबल्स और सैलेड को डाइट में शामिल करें
पालक, ब्रोकली, केल, धनिया, खीरा, लौकी, करेला जैसी हरी सब्ज़ियां “सुपर-अलकलाइन फूड्स” हैं। इनमें फाइबर, आयरन, मिनरल्स और क्लोरोफिल प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं।
ये न केवल कैंसर से लड़ने में मदद करती हैं, बल्कि ब्लड प्रेशर, शुगर और मोटापे जैसी बीमारियों को भी नियंत्रित रखती हैं। सैलेड में नींबू और ऑलिव ऑयल डालकर खाना और भी फायदेमंद है। कोशिश करें कि दिन में कम से कम एक बार ग्रीन सैलेड जरूर खाएं।
प्रोसेस्ड फूड और चीनी से दूरी बनाएं
आज के दौर में सबसे बड़ा दुश्मन हमारा फूड हैबिट बन चुका है।
फास्ट फूड, सॉफ्ट ड्रिंक, रेडी-टू-ईट स्नैक्स, बेकरी आइटम्स, और एक्स्ट्रा शुगर वाले पेय पदार्थ शरीर में हाई एसिडिक एनवायरनमेंट बनाते हैं। इनसे शरीर में फैट, सूजन (Inflammation) और सेल डैमेज बढ़ता है। अध्ययनों में पाया गया है कि जो लोग रोज़ाना प्रोसेस्ड मीट, रेड मीट या ज्यादा चीनी खाते हैं, उनमें कैंसर का खतरा 40% तक बढ़ जाता है। इसलिए अगर आप सच में कैंसर से बचना चाहते हैं तो— शुगर, कोल्ड ड्रिंक, पिज्ज़ा, बर्गर, और जंक फूड से दूर रहें। इसकी जगह फल, मेवे, नारियल पानी और सब्जियों का सूप अपनाएं।
हफ्ते में एक दिन उपवास या जल उपवास करें
“फास्टिंग” यानी उपवास शरीर को भीतर से रीसेट करने का सबसे आसान तरीका है।
जब आप हफ्ते में एक दिन जल उपवास या केवल फल-सब्ज़ी खाते हैं, तो शरीर को डिटॉक्स होने का समय मिलता है। इससे ‘टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं’, इम्यून सिस्टम एक्टिव होता है और सेल रिपेयर का प्रोसेस तेज होता है।
महर्षि आयुर्वेद और बाबा रामदेव दोनों ही इसे “शरीर की सफाई का प्राकृतिक उपाय” बताते हैं।
स्ट्रेस कम करें, योग और ध्यान अपनाएं
तनाव यानी Stress कैंसर के लिए छिपा हुआ खतरा है। जब हम लगातार तनाव में रहते हैं, तो शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो हमारी कोशिकाओं में असंतुलन पैदा करता है। यही असंतुलन आगे चलकर कैंसर सेल्स को सक्रिय कर सकता है। इसलिए हर दिन कम से कम 20 मिनट योग, प्राणायाम या ध्यान जरूर करें। सिर्फ “अनुलोम-विलोम” और “कपालभाति” ही शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मददगार हैं।
कैंसर से बचाव के मेडिकल उपाय
केवल खानपान ही नहीं, कुछ मेडिकल प्रिवेंशन भी बेहद जरूरी हैं— HPV वैक्सीन: महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए। हेपेटाइटिस-B वैक्सीन: लिवर कैंसर से सुरक्षा देती है। मैमोग्राफी, लंग स्कैनिंग, कोलोनोस्कोपी जैसी नियमित जांच करवाना आदत बनाएं। अमेरिका और चीन जैसे देशों में लोगों ने नियमित स्क्रीनिंग की आदत डाल ली है, इसी वजह से वहां पिछले 30 सालों में कैंसर से होने वाली मौतें लगभग 40% तक कम हुई हैं।
भारत में कैंसर की स्थिति चिंताजनक
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर 9 में से 1 व्यक्ति को कैंसर होने का खतरा है। ब्रेस्ट कैंसर से 40% भारतीय महिलाएं प्रभावित हैं। कैंसर के 70% मरीजों का निदान लास्ट स्टेज में होता है, जिससे इलाज मुश्किल हो जाता है। हालांकि अच्छी खबर यह है कि अब सर्वाइवल रेट 70% तक बढ़ गया है, क्योंकि लोग समय रहते डॉक्टर के पास जा रहे हैं और स्क्रीनिंग करवा रहे हैं।
किन चीज़ों से पूरी तरह बचें
तली-भुनी चीज़ें और रेड मीट
सफेद शुगर और मैदा
सॉफ्ट ड्रिंक्स और एनर्जी ड्रिंक्स
प्लास्टिक बोतल में रखे पेय
स्मोकिंग और एल्कोहल
देर रात जागना और स्ट्रेस
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