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अंता उपचुनाव में बड़ा खेल, नए विधायक के नाम की सुगबुहाट तेज, जानिए जनता का रुख ?

बारां

"Anta By Election 2025 in Rajasthan | अंता उपचुनाव में भजनलाल शर्मा, वसुंधरा राजे और सचिन पायलट के बीच सियासी मुकाबला | BJP vs Congress Rajasthan Politics"

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Anta by election : जयपुर। राजस्थान की सियासत में अंता उपचुनाव सबसे बड़ा इम्तिहान बन गया है।। वोटिंग से पहले ही सियासी पारा चढ़ चुका है और जनता के मन में सिर्फ एक सवाल गूंज रहा है-आख़िर अंता का नया विधायक कौन बनेगा? यह चुनाव सिर्फ एक सीट का नहीं, बल्कि भजनलाल शर्मा सरकार की पहली अग्निपरीक्षा भी है। साथ ही, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की साख भी इसी सीट पर टिकी हुई है। बीजेपी जहां अपनी जीत का सिलसिला जारी रखना चाहती है, वहीं कांग्रेस वापसी के मूड में है और मैदान में निर्दलीय उम्मीदवारों ने मुकाबले को और रोमांचक बना दिया है। 11 नवंबर को मतदान और 14 नवंबर को नतीजे आने वाले हैं और उससे पहले अंता में सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है।

वसुंधरा की साख पर दांव, मोरपाल सुमन पर दांव खेली बीजेपी

अंता सीट उस समय खाली हुई जब बीजेपी विधायक कंवरलाल मीणा को एक पुराने मामले में सजा मिली और उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई। 2023 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने यहां 5861 वोटों से जीत दर्ज की थी। अब पार्टी ने नया चेहरा मोरपाल सुमन को मैदान में उतारा है-जो बारां पंचायत समिति के प्रधान और वसुंधरा राजे के करीबी माने जाते हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस ने दो बार के पूर्व विधायक प्रमोद जैन भाया पर भरोसा जताया है, लेकिन उन पर इस बार बाहरी उम्मीदवार होने का ठप्पा लग रहा है।

नरेश मीणा बने तीसरा मोर्चा, सियासी मुकाबला त्रिकोणीय

अंता में मुकाबला अब त्रिकोणीय होता दिख रहा है। निर्दलीय नरेश मीणा को आप और अरविंद केजरीवाल का अप्रत्यक्ष समर्थन मिला है, जबकि पूर्व बीजेपी विधायक रामपाल मेघवाल भी मैदान में हैं। इस बार कुल 20 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं और 2.27 लाख वोटर 11 नवंबर को अपने फैसले पर मुहर लगाएंगे। जातीय समीकरण में माली, मीणा, मुस्लिम और एससी वोटर निर्णायक भूमिका में हैं।

भजनलाल और वसुंधरा का रोड शो, गरमा गया माहौल

6 नवंबर को सीएम भजनलाल शर्मा और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने मांगरोल में विशाल रोड शो किया, जहां हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और नारे लगे-मोदी की गारंटी, जनता की जीत! भजनलाल शर्मा ने कहा, ‘जनता मोदी की गारंटी और सरकार के काम से खुश है, युवाओं को चार लाख नौकरियां देंगे।’ वसुंधरा राजे ने मंच से जनता में जोश भरते हुए कहा-‘धनबल नहीं, जनबल जीतेगा।’

कांग्रेस का पलटवार: सचिन पायलट ने संभाली कमान

उधर सचिन पायलट ने कांग्रेस की कमान संभालते हुए कहा, अंता का असली विकास कांग्रेस के वक्त हुआ है, बीजेपी गुटबाजी में उलझी है, जनता हमें मौका देगी। उन्होंने कंवरलाल मीणा के कोर्ट केस का हवाला देकर बीजेपी पर हमला बोला और कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है।

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किसके पाले में जाएगा अंता? जानिए ग्राउंड समीकरण

2024 के उपचुनावों में बीजेपी का वोट शेयर करीब 15% तक बढ़ा था। पार्टी ने झुंझुनूं, खींवसर और रामगढ़ जैसी सीटें जीतकर मजबूत वापसी की थी।

अंता में भी मोदी मैजिक, भजनलाल की लोकप्रियता और वसुंधरा का प्रभाव पार्टी के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकते हैं। वहीं, कांग्रेस को आंतरिक कलह और बाहरी कैंडिडेट की नाराज़गी नुकसान पहुंचा सकती है। निर्दलीय उम्मीदवारों का वोट कटना अंततः बीजेपी के लिए फायदेमंद हो सकता है।

अंता में कमल या हाथ? फैसला जनता के हाथ में

अंता उपचुनाव अब सिर्फ एक सीट की लड़ाई नहीं, बल्कि भजनलाल सरकार की परफॉर्मेंस का रिपोर्ट कार्ड बन गया है। बीजेपी चाहती है स्कोर 6 में से 6!

कांग्रेस चाहती है पलटवार! अब देखना होगा-*11 नवंबर को कमल फिर खिलेगा या हाथ बाजी मार ले जाएगा? फिलहाल, अंता की हवा में कमल की खुशबू ज़रूर है… लेकिन राजनीति में कुछ भी संभव है।

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