बिशनपुरा में निर्माणाधीन स्कूल की जांच करने पहुंचे ऊर्जा मंत्री
-जिला कलेक्टर को थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और मटेरियल टेस्टिंग के लिए निर्देशित किया
डॉ. तोहिद
सुकेत (रॉयल पत्रिका)। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने गुरुवार देर रात को कनवास तहसील के बिशनपुरा स्कूल भवन के निर्माण कार्य की जांच की है। जिसकी गुणवत्ता घटिया पाए जाने पर निर्माण कार्य को थर्ड पार्टी जांच के लिए जिला कलेक्टर को निर्देशित किया है। ऊर्जा मंत्री नागर रात्रि चौपाल के लिए बिशनपुरा पहुंचे थे। जहां ग्रामीणों ने ऊर्जा मंत्री से स्कूल भवन में घटिया निर्माण की शिकायत की थी। ग्रामीणों की शिकायत पर ऊर्जा मंत्री स्वयं देर रात घटिया सामग्री का उपयोग मिला। स्कूल में की गई डीपीसी की गिट्टी ठोकर मारने से ही उखड़ रही थी। दीवारों की ईंटें हाथों से ही निकाली जा सकती थी। जांच के दौरान नवनिर्मित बीम में क्रैक भी मिला। ग्रामीणों ने बताया कि नींव में भी रेत सोमेंट की जगह मिटटी भरी गई थी। चुनाई में भी रेतकी जगह डस्ट का प्रयोग किया गया है। जिसके बाद ऊर्जा मंत्री ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और मटेरियल टेस्टिंग के लिए निर्देश दिए हैं सीईओ जिला परिषद को भी स्कूल निर्माण की जांच के लिए कहा है। उल्लेखनीय है कि अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अनुशंसा पर कोल इंडिया सीएसआर फंड से 15 लाख रुपए की लागत से दो कमरे और बरामदे का निर्माण किया जा रहा है। कार्यकारी एजेंसी पंचायत समिति के द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस दौरान ऊर्जा मंत्री ने कहा कि देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को श्रमा नहीं मिल सकती। अधिकारी कर्मचारी और ठेकेदार की लापरवाही के खिलाफ अभियान चलाकर सबक सिखाया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्कूल में जिस प्रकार से घटिया निर्माण हुआ है, पूरे स्कूल को जमींदोज कर पुनर्निर्माण कराए जाने की आवश्यकता है।
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