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जयपुर पुलिस मुख्यालय में प्रदर्शनी में दिखी न्याय प्रणाली की नई सोच

जयपुर

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जयपुर (रॉयल पत्रिका)। भारत की न्याय प्रणाली में हुए ऐतिहासिक बदलाव और ‘दंड’ से ‘न्याय’ की ओर बढ़ते कदमों का जश्न शनिवार को जयपुर स्थित पुलिस मुख्यालय (PHQ) में मनाया गया। नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, व भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023—के एक वर्ष पूरे होने पर एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव शर्मा और मुख्य सचिव (CS) सुधांश पंत सहित राज्य के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और नए कानूनों के सकारात्मक प्रभाव की सराहना की। प्रदर्शनी में यह दर्शाया गया कि कैसे इन नए कानूनों ने 160 साल पुरानी औपनिवेशिक प्रणाली को बदलकर न्याय का स्वरूप बदल दिया है। इसमें तकनीक के उपयोग, समयबद्ध जांच और पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण जैसी नई सोच को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। DGP राजीव शर्मा ने कहा कि यह नए कानून पुलिस को अधिक जवाबदेह और जनता के प्रति संवेदनशील बनाते हैं। वहीं, मुख्य सचिव सुधांश पंत ने इसे भारत के कानूनी इतिहास में एक मील का पत्थर बताया, जो सच्चे अर्थों में न्याय को सुलभ बना रहा है।

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