संजय बाजार का हटवाड़ा बना लोगों के जी का जंजाल
जयपुर (रॉयल पत्रिका)। ऐतिहासिक संजय बाजार में हर सप्ताह लगने वाले अवैध हटवाड़े ने स्थानीय लोगों और व्यापारियों का जीवन दूभर कर दिया है। अवैध अतिक्रमण के कारण सड़कें बाधित हो रही हैं यातायात ठप है। व्यापारियों के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी ये हटवाड़ा अब परेशानी का सबब बन चुका है। रविवार के दिन घाटगेट के दोनों दरवाजों से लेकर पूरे संजय बाजार से जौहरी बाजार तक फुटपाथ कारोबारी अपनी दुकान लगाकर बैठते हैं। जिससे वहां जाम की स्थिति बन जाती है। यदि ऐसे में कहीं कोई दुर्घटना हो जाए या आग लग जाए तो वहां फायर ब्रिगेड का निकलना भी बड़ा मुश्किल है साथ ही किसी बीमार को ले जाने वाली एंबुलेंस भी इस जाम में फंस सकती है। यह अवैध हटवाड़ा न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन गया है बल्कि न्यायपालिका के आदेशों की अवमानना का भी उदाहरण बन चुका है। राजस्थान उच्च न्यायालय ने इस अवैध हटवाड़े को हटाने का आदेश दिया है। बावजूद इसके जयपुर नगर निगम (हेरिटेज) और पुलिस प्रशासन ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। क्षेत्र में अवैध वसूली और कब्जे के मामले बढ़ रहे हैं जिससे आमजन में असुरक्षा का माहौल है। संजय बाजार का यह अवैध हटवाड़ा प्रशासन की कार्यशैली और प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करता है। शहर में 61 हजार स्ट्रीट वेंडर्स के अलावा 11 हजार फुटपाथ कारोबारी हैं, जो जबरन हाट-बाजार लगा रहे हैं। इससे निगम को टैक्स देने वाला और पार्किंग शुल्क देने वाला व्यापारी व रहवासी परेशान हैं। जबकि फुटपाथ कारोबारी जितना मर्जी अतिक्रमण करें और जितना चाहें गंदगी फैलाएं उनको रोकने वाला कोई नहीं। वजह निगम की जोन शाखा, विजिलेंस शाखा और स्थानीय थाना की अनदेखी या मिलीभगत है। संजय बाजार के व्यापारी हटवाड़ा हटाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि अवैध हटवाड़े से उनका धंधा चौपट हो गया है, क्योंकि संजय बाजार में शनिवार रात से फुटपाथ कारोबारी आते हैं और रविवार तड़के से देर रात तक हटवाड़ा लगाते हैं, इससे गंदगी वहां फैल जाती है, जिसे निगम दो दिन तक साफ नहीं कर पाता है। दूसरी तरफ जौहरी बाजार, अल्बर्ट हॉल व हवामहल देखने आने वाले सैलानियों के सामने भी शहर की छवि खराब होती है। कोर्ट ने हेरिटेज नगर निगम से पूछा था कि जौहरी बाजार के पास स्थित संजय बाजार में हटवाड़ा लगाने की मंजूरी किसने दी और क्या फुटपाथ व्यापारियों ने इसका लाइसेंस ले रखा है? हाईकोर्ट ने नगर निगम से इस संबंध में जवाब तलब किया है। लेकिन उसमें निगम अफसरों ने जानबूझ कर तथ्य ही पेश नहीं किए और ना ही स्ट्रीट वेंडर्स का सर्वे करवाकर कार्ड बनवाए गए। अतिक्रमण होने के चलते चारदीवारी में होने के बावजूद भी यह बाजार पिछड़ा हुआ है।
12 दिसंबर को हटवाड़े के विरोध में व्यापारी देंगे धरना
संजय बाजार व्यापार मंडल और जयपुर व्यापार महासंघ ने अवैध हटवाड़े के विरोध में 12 दिसंबर 2024 को हैरिटेज नगर निगम मुख्यालय पर धरने का ऐलान किया है। इस धरने का उद्देश्य संजय बाजार में अवैध अतिक्रमण को हटाने और व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करवाना है। व्यापार मंडल ने पिंकसिटी प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में महासचिव विष्णुदत्त शर्मा ने बताया कि संजय बाजार में लगने वाले अवैध हटवाड़े से व्यापारियों का करोड़ों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। नगर निगम द्वारा बनाई गई करोड़ों की दुकानों में कोई निवेशक रुचि नहीं दिखा रहा है। जयपुर व्यापार महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कैलाश मित्तल ने कहा कि प्रशासन व्यापारियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा। अवैध हटवाड़े के कारण व्यापारी संकुचित महसूस कर रहे हैं और न्यायालय के आदेश की अवहेलना की जा रही है। स्थानीय निवासी और एडवोकेट पीयूष अग्रवाल ने बताया कि इन अवैध हटवाड़ों के कारण लोग चारदीवारी क्षेत्र से पलायन को मजबूर हैं। संजय बाजार व्यापार मंडल ने चेतावनी दी है कि 10 और 11 दिसंबर को शहर के प्रमुख बाजारों में होर्डिंग लगाकर विरोध जताया जाएगा। यदि इसके बाद भी प्रशासन उनकी मांगें नहीं मानता, तो 12 दिसंबर को हैरिटेज नगर निगम मुख्यालय पर धरना दिया जाएगा
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