स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 की निरीक्षण टीम यदि नाहरवाड़ा रामगंज क्षेत्र में आ गई तो क्या होगा?
चीते वाले खुर्रा, रामगंज बाजार से नाहरवाड़ा तक दो कचरा डिपो है
वार्ड का स्वास्थ्य निरीक्षक और उपस्वास्थ्य निरीक्षक और कचरा उठाने वाले ठेकेदार में है सांठगांठ
यही आस-पास गंदी नालियों से बीमारी फैल रही है
जयपुर (रॉयल पत्रिका)। जब से नगर निगम हेरिटेज आयुक्त डॉक्टर निधि पटेल की नियुक्ति हुई है सफाई व्यवस्था में सुधार हुआ है। बाजारों से अतिक्रमण कम हुए हैं। लेकिन व्यवस्था पूरी तरह अभी तक पटरी पर नहीं आई है। नगर निगम हेरीटेज जयपुर की सुचारू व्यवस्था सक्रिय करना इतना आसान नहीं है। अखबारों की न्यूज़ में पढ़ने में आसानी से मिल जाता है कि निगम आयुक्त ने आज यहां वहां दौरा किया और अधिकारियों को कार्यवाही के आदेश दिए। लेकिन इन दौरों का कितना प्रभाव हो रहा है, के लिए डॉक्टर पटेल को बिना बताए उन्हीं स्थानों का दौरा करना चाहिए। इसमें कोई दौराय नहीं है कि डॉक्टर निधि पटेल बहुत मेहनती और काबिल आईएएस अधिकारी है और हेरिटेज नगर निगम क्षेत्र को साफ, स्वच्छ बनाने के लिए दिन रात मेहनत कर रही है। लेकिन निचले स्तर पर भ्रष्ट तंत्र उनकी मेहनत को अप्रभावी बनाता जा रहा है। मुख्यमंत्री संपर्क पोर्टल पर शिकायत करने पर स्वास्थ्य निरीक्षक जोन कमिश्नर झूठी निस्तारण की सूचना भेजते हैं। शिकायत निस्तारण की जानकारी संपर्क पोर्टल से फोन पर ली जाती है, उसका फिजिकल सत्यापन नहीं होता है और शिकायत बंद कर दी जाती है। यदि ऐसी शिकायतों का सत्यापन नगर निगम आयुक्त द्वारा किया जाता है तो वार्ड नंबर 65 के स्वास्थ्य निरीक्षक के कार्यों का किया जा सकता है जिसने शिकायत का कई बार झूठ निस्तारण की सूचना अधिकारियों को दी है।
200 मीटर में एक नहीं दो कचरा डिपों,सर्वेक्षण टीम ने देखा तो रैंक गिरना तय
वार्ड 65 के स्वास्थ्य निरीक्षक एवं उपस्वास्थ्य निरीक्षक की लापरवाही एवं अयोग्यता के चलते मात्र 200 मीटर की दूरी के बीच दो कचरा डिपो बन गए हैं। यह कचरा डिपो चीते वाला खुर्रा, रामगंज बाजार से नाहरवाड़ा के बीच में है। यहाँ आस-पास गंदी नालियां भरी पड़ी है जिनके कारण वातावरण में बदबू फैल रही है और बच्चों में इंफेक्शन फैल रहा है। पोर्टल पर कई बार शिकायत की गई लेकिन स्वास्थ्य निरीक्षक ने झूठी निस्तारण की सूचना देकर शिकायत बंद करदी गई। यदि जयपुर सर्वेक्षण टीम सर्वे करने के लिए चीते वाले रास्ते और नाहरवाड़ा तक एवं आस-पास गलियों में आ गई तो नगर निगम आयुक्त डॉक्टर निधि पटेल की मेहनत दरी रह जाएगी और जयपुर हेरीटेज नगर निगम की स्वच्छता रैंक गिरकर नीचे आ जाएगी। इसलिए नगर निगम आयुक्त को अपने अधिकारियों के साथ इस क्षेत्र का दौरा करना चाहिए। बाजारों और मुख्य मार्गो तक दौरा सीमित रखना और शहर के अन्दरूनी भागो को छोड़ देना सही नहीं माना जा रहा है। पूरे जयपुर में यही हो रहा है जहां सफाई एवं अतिक्रमण पर कार्यवाही बाजारों एवं मुख्य मार्गो को तक सीमित रह गई है।
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