शहीद स्मारक पर कम्युनिस्ट पार्टी का हल्लाबोल, सांसद अमराराम बोले- ‘देश की संप्रभुता खतरे में’
‘जनसंघर्ष जत्था’ लेकर सड़कों पर उतरे वामपंथी; बिजली निजीकरण, श्रम कानून और विदेशी व्यापार समझौतों के खिलाफ 24 मार्च को दिल्ली में होगी आक्रोश रैली
जावेद अख्तर
जयपुर (रॉयल पत्रिका)। राजधानी के शहीद स्मारक पर शनिवार को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) की ओर से केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। ‘जनसंघर्ष जत्था’ के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व माकपा के दिग्गज नेता और सांसद अमराराम ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुँचाने का आरोप लगाया।
मजदूरों के हक और खेती को बचाने की लड़ाई: अमराराम:-
सांसद अमराराम ने ‘रॉयल पत्रिका’ से विशेष बातचीत में कहा कि देश के मजदूरों के लिए बने 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार संहिताओं में बदल दिया गया है, जिससे उनके अधिकार छिन गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा को समाप्त करने की साजिश रच रही है और बिजली संशोधन कानून 2025 के जरिए पूरे बिजली सेक्टर को अंबानी-अडानी जैसे बड़े उद्योगपतियों के हवाले करने की तैयारी है। उन्होंने कहा, “ईस्ट इंडिया कंपनी व्यापार के नाम पर आई थी और 200 साल लूटा, आज फिर वही स्थिति पैदा की जा रही है।”
विदेशी समझौतों से बर्बाद होगी खेती और उद्योग:-
सांसद ने अमेरिका और यूरोपीय देशों के साथ किए जा रहे व्यापार समझौतों पर भी कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विदेशों से सामान बिना रोक-टोक भारत आएगा, तो यहाँ की खेती, उद्योग और रोजगार पूरी तरह नष्ट हो जाएंगे। उन्होंने आह्वान किया कि यह केवल किसी एक पार्टी का सवाल नहीं है, बल्कि देश के संविधान और आम जनता को बचाने की जंग है, जिसमें हर देशवासी को शामिल होना चाहिए।
ईरान-इजराइल युद्ध और विदेश नीति पर उठाए सवाल:-
अमराराम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इजराइल-ईरान युद्ध से ठीक पहले प्रधानमंत्री का इजराइल दौरा कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भारत की विदेश नीति और व्यापारिक फैसले ट्रंप और अमेरिका के दबाव में लिए जा रहे हैं। सांसद ने कहा, “ईरान पर हमले और इजराइल की गुंडागर्दी से पूरी दुनिया को नुकसान होगा। भारत की संप्रभुता को अमेरिकन साम्राज्यवाद के आगे गिरवी रखा जा रहा है।”
24 मार्च को दिल्ली कूच का ऐलान:-
प्रदर्शन के दौरान घोषणा की गई कि यह ‘जनसंघर्ष जत्था’ गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेगा। इसके समापन पर 24 मार्च को दिल्ली में एक विशाल ‘आक्रोश रैली’ आयोजित की जाएगी, जिसमें देशभर के किसान और मजदूर अपनी मांगों को लेकर सरकार को घेरेंगे। अमराराम ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि या तो सरकार अपनी जनविरोधी नीतियां बदले, वरना जनता सरकार को बदलने का काम करेगी।
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