महात्मा गांधी स्कलों में अग्ग्रेजी मीडियम की शिक्षा बंद की जाएंगी
महात्मा गांधी स्कलों में अग्ग्रेजी मीडियम की शिक्षा बंद की जाएंगी
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर राजस्थान में पिछली सरकार द्वारा सरकारी स्तर पर शुरू किए गए अग्रेंजी माध्यम के स्कूलों को बंद करना चाहती है। राजस्थान की भाजपा सरकार गरीब और आम लोगों के बच्चों को अग्रेंजी माध्यम की शिक्षा से क्यों वंचित करना चाहती है ? वैसे तो इसके पिछे कारण दिखाई देंते है। लेकिन दिखावटी रूप से शिक्षा मंत्री मदन दिलावर अग्रेजी माध्यम स्कूलों की बिल्डिंग, टीचर्स और अन्य संसाधनों की कमी बता रहे है। जो प्रदेश सरकार के लिए मुश्किल काम नहीं है। प्रदेश की भाजपा सरकार चाहें तो मात्र 6 महीने में स्कूलों के लिए जमीन आंवटन करके बिल्डिंग बनवा सकती है। स्कूल बिल्डिंग बनवानें के लिए बहुत बड़े बजट की जरूरत भी नहीं है। बिल्डिंग बनवाने के लिए प्रदेश के भामाशाहों से आर्थिक सहायता ली जा सकती है। प्रदेश में हिन्दी और अग्रेंजी माध्यम के बेरोजगार टीचर्स की बड़ी संख्या मौजूद है, इसलिए टीचर्स की समस्या आसानी से हल हो सकती है। अग्रेजी माध्यम के महात्मा गांधी स्कूल बंद करने के पीछे राजनीतिक कारण दिखाई दे रहे है। सभी राजनीतिक दल और नेता चाहते है कि जब 100 प्रतिशत जनसंख्या पढ़ी लिखी हो जाएंगी और वह भी अग्रेंजी माध्यम में तो प्रदेश में जनता में राजनीति, भ्रष्टाचार एवं विकास के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। पढ़ा लिखा समाज गाय का मूत्र, गोबर, हिन्दूराट्र या धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र, आरक्षण, भ्रष्टाचार, अंधभक्ति, दंगो, रोजगार आदि के बारे में आसानी से समझ रखने लगेगा। जागरूक समाज और पढ़े-लिखे युवा स्वार्थी नेताओं और देश के लिए नुकसान पहुंचाने वाले नेताओं के लिए मश्किल बन जाएंगे। प्रदेश के शिक्षामंत्री का यह कहना कि महात्मा गांधी स्कूल अग्रेंजी माध्यम से चलाने के लिए संसाधन नहीं है बड़ी हास्यपद लगने वाली बात है। सरकार चाहे तो प्रदेश के सभी स्कूलों चाहे हिन्दी और अग्रेंजी माध्यम के स्कूल हो फाईव स्टार बना सकती है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में स्कूलों और अस्पतालों का कायाकल्प कर दिया। विदेशी सरकारें भी दिल्ली के स्कूलों की स्टडी कर रही है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने स्कल बिल्डिंग ही नही बनवाई बल्कि 12 वीं तक लड़के लड़कियों की मुफ्त में शिक्षा देना भी शुरू कर दिया। वर्तमान में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों से अच्छी एवं गुणवत्ता की शिक्षा दी जा रही है। इसलिए राजस्थान में महात्मागांधी अग्रेंजी माध्यम के स्कूलों को भाजपा सरकार की बंद करने की योजना को सभी गरीब, माध्यम वर्ग के लोगों को विरोध करना जरूरी ही है। यह सरकार का शिक्षा विरोधी कदम है। सरकार क्यों पढ़े लिखे युवा नहीं चाहती है ? इसका जवाब भी सरकार को देना चाहिए।
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