बांग्लादेश में अब धर्म के नाम पर अन्याय का दौरा खत्म हो गया है
बांग्लादेश नेशनल पार्टी सुप्रीमो तारिक रहमान ने कहा है कि नए बांग्लादेश में अब धर्म के नाम पर अन्याय का दौर खत्म हो गया है I लोकतंत्र की बहाली के लिए सभी ने संघर्ष किया है I बीएनपी ने बांग्लादेश के आम चुनावों में भारी जीत दर्ज की है I बीएनपी के सुप्रीमो तारिक़ रहमान ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए भारत से संबंधों पर कहा कि देश की जनता के हित सर्वोपरि है I इसे ध्यान में रखते हुए हम विदेश नीति तय करेंगे I वर्तमान में भारत बांग्लादेश के आपसी रिश्तों में दूरियां बढ़ी हैं I इसका मुख्य कारण भारत और बांग्लादेश दोनों में ही धर्म की पहल करने वाली सरकार है I प्रधानमंत्री शेख हसीना के समय और उससे पहले भारत और बांग्लादेश के रिश्ते काफी मजबूत हुआ करते थे I शेख हसीना को बांग्लादेश में अपदस्थ कर दिया गया और शेख हसीना को भाग कर भारत में शरण लेनी पड़ी I बांग्लादेश में बनी कार्यकारी सरकार के समय बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बढ़ गए I बांग्लादेश भारत को छोड़ चीन और पाकिस्तान की गोदी में बैठ गया I भारत की मोदी सरकार की भी नीति बांग्लादेश के प्रति पहले जैसी नहीं रही I यही कारण है कि भारत और बांग्लादेश के रिश्ते खराब होते गए I भारत में भी बांग्लादेश के खिलाड़ियों का भी विरोध होने लगा और फिर बांग्लादेश सरकार ने अपनी क्रिकेट टीम को भारत में खेलने नहीं भेजा I फिलहाल भारत और बांग्लादेश के आपसी रिश्ते अच्छे नहीं है I लेकिन सरकार बनाने जा रही बीएनपी पार्टी के सुप्रीमो तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री की शपथ लेने से पहले कहा कि बांग्लादेश में अब धर्म के आधार पर अन्याय और अत्याचारों का दौर खत्म हो गया है I बांग्लादेश में अब नया दौर शुरू हो गया है I बांग्लादेश में अब जनता के कल्याण और नया बांग्लादेश बनाने के लिए नीति बनाई जाएगी I तारिक रहमान बांग्लादेश आम चुनाव से मात्र दो महीने पहले लंदन से बांग्लादेश पहुंचे थे और बांग्लादेश नेशनल लिस्ट पार्टी (बीएनपी) का नेतृत्व किया I तारिक रहमान के नेतृत्व में बीएनपी ने बांग्लादेश के आम चुनावों में दो तिहाई से ज्यादा बहुमत प्राप्त किया है I तारिक रहमान बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति ज़िया उर्रहमान और तीन बार की प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बड़े बेटे हैं I 2025 में 17 साल के निर्वासन के बाद तारिक रहमान लंदन से बांग्लादेश पहुंचे हैं I 30 दिसंबर को उनकी मां खालिदा ज़िया का इंतकाल हो गया I खालिदा की मौत के बाद रहमान को बीएनपी चीफ चुना गया और वह चुनाव में कूद गए I तारिक रहमान बीते 17 साल से बांग्लादेश से बाहर थे I लेकिन एक समय में ढाका में काफी चर्चित रहे हैं I अपनी मां खालिदा ज़िया के 2001 से 2006 के शासनकाल के लिए उन्हें डार्क प्रिंस कहा गया है I तब भले ही खालिदा ज़िया प्रधानमंत्री थी, लेकिन असली ताकत रहमान के पास थी I इस दौरान रहमान पर भ्रष्टाचार के बहुत आरोप लगे थे I तारिक रहमान के खिलाफ बांग्लादेश में भ्रष्टाचार एवं हमले के मुकदमे चल रहे हैं I तारिक रहमान पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के धुर विरोधी है I बीएनपी सरकार भारत से शेख हसीना को बांग्लादेश को सौंपने की मांग कर सकती है I यदि भारत ने शेख हसीना को बांग्लादेश को नहीं सौंपा तो फिर बांग्लादेश और भारत के बीच रिश्ते और तलख हो सकते हैं I बीएनपी पार्टी वर्तमान में भारत से अच्छे संबंधों की पहल नहीं करती दिखाई दे रही है I बीएनपी पार्टी के सुप्रीमो और बांग्लादेश के होने वाले प्रधानमंत्री तारिक रहमान की विदेश नीति क्या होगी, अभी कहना जल्दी होगा I लेकिन यह तय माना जा रहा है कि बांग्लादेश और भारत के बीच रिश्ते पहले जैसे कायम होना मुश्किल है I
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