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खबरें ईरान अमेरिका युद्ध की

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जिंदा दिल जनता है अमेरिका में

अमेरिका के सैंकड़ों शहरों में “नो किंग” नाम से प्रदर्शन हो रहे हैं। सोशल मीडिया से मिली सूचनाओं के अनुसार करीब 90 लाख जनता ने सड़कों पर उतर कर अमेरिकी राष्ट्रपति की मनमानियों और ईरान युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन किया I अमेरिकी जनता को जिंदा दिल माना जाता है I अमेरिकी जनता ने अनेक महान नेता पैदा किए हैं I यदि गलती से कोई अमेरिका को नुकसान पहुंचाता है तो अमेरिकी जनता ऐसे नेता का पूरी ताकत से विरोध करती है I अमेरिकी जनता वर्तमान राष्ट्रपति को तानाशाह कहने लगी है और अमेरिका को बिना किसी ठोस कारण के युद्ध में झौंकने का दोषी मानती है I यही कारण है कि अमेरिकी जनता का डोनाल्ड ट्रंप के विरोध में सड़क पर सैलाब नज़र आने लगा है I अमेरिका के राष्ट्रपति की मुसीबतें जनता के विरोध के कारण दिनों-दिन बढ़ती जा रही हैं, दबाव के चलते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मानसिक स्थिति भी स्थिर नहीं रह गई है।

ऐसे नहीं बनेगा ग्रेटर इज़राईल —

इज़राईल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर बड़ा हवाई हमला किया और ईरान को पूरी तरह बर्बाद करने का प्लान बनाया I ईरान ने इज़राईल पर पलटवार किया है, करीब 30 दिन में ईरान ने इज़राईल के हवाई अड्डे, पोर्ट, कारखाने, रिफाइनरी, सैन्य ठिकानों एवं व्यवसायिक ठिकानों पर मिसाईल एवं ड्रोन हमले करके बर्बाद कर दिया I इजराईल की शून्य ताकत दिनों-दिन घटती जा रही है I इजराईल को ईरान, हिज्बुल्लाह और हूतियों से एक साथ जूझना पड़ रहा है I इज़राईल वर्षों से ग्रेटर इज़राईल बनाने के सपने देख रहा है I इसी कारण से इजराईल ने अपने हथियार भंडार में लाखों मिसाईल, इंटरसेप्टर का भंडार किया और अपनी डिफेंस पॉवर को मजबूत किया I लेकिन ईरान ने इजराईल के सपने चकनाचूर कर दिए I इजराईल ईरान से आसानी से नहीं जीत सकता है, क्योंकि ईरान ने इज़राईल पर ऐसे अटैक किए हैं जो इतिहास में पहले इज़राईल पर कभी नहीं हुए I यदि इज़राईल और ईरान युद्ध की गति ऐसी रही तो ग्रेटर इज़राईल बनना तो मुश्किल लग रहा है, लेकिन इज़राईल का अस्तित्व भी ज़रूर खतरे में आ सकता है।

ईरान की मिसाईल और ड्रोन पॉवर की विश्व भर में चर्चा-

ईरान की सैन्य क्षमता के आंकलन में अमेरिकी और इज़राईल मात खा गए I अमेरिका और इज़राईल ने ईरान पर आक्रमण किया और एक सप्ताह में ईरान पर कब्जा करने का प्लान बनाया I लेकिन जैसे-जैसे युद्ध बढ़ा ईरान की मिसाईल और ड्रोन पॉवर को इज़राईल और अमेरिका ने तो झेला है, लेकिन विश्व ने अपनी आंखों से देखा I ईरान अब तक 10-20 हजार मिसाईल और ड्रोन इजराईल और अमेरिकी ठिकानों पर छोड़ चुका है I लेकिन ईरान के पास मिसाईल और ड्रोन की कमी नहीं दिखाई दे रही है I ईरान के पास जमीन के नीचे मिसाईल और ड्रोन के गोदाम हैं, जिनमें लाखों की संख्या में मिसाईल और ड्रोन भरे पड़े हैं I ये मिसाईल और ड्रोन इज़राईल और अमेरिका को परेशान किए हुए हैं।

खाड़ी में शिया और सुन्नी का खेल नाकाम-

अमेरिका इजराईल ने युद्ध शुरू होने के बाद अपने गोदी मीडिया के द्वारा कोशिश की कि खाड़ी के मुस्लिम देश शिया-सुन्नी देशों में बंट जाएं और आपस में ही लड़कर बर्बाद हो जाएं I जिससे अमेरिका और इज़राईल आसानी से ईरान पर कब्जा कर लें। लेकिन खाड़ी देशों में ऐसा नहीं दिखाई दिया। किसी भी सुन्नी मुस्लिम देश ने ईरान के अटैक होने के बावजूद ईरान पर पलटवार नहीं किया। अमेरिका इज़राईल का यहीं से “फूट डालो-राज करो” की नीति फेल हो गई। इसके विपरीत ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य, व्यवसायिक और रिफाइनरी को मिसाईल और ड्रोन अटैक से नष्ट कर दिया। अमेरिका और इज़राईल मिलकर खाड़ी देशों पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते थे, लेकिन अब उनको खाड़ी देशों में अपना अस्तित्व बनाए रखने में मुश्किल हो रही है।

ईरान ने जहां चाहा वहीं आक्रमण किया —

विश्व में यह पहली बार है कि ईरान ने पहले हमला नहीं करने का वादा निभाया। लेकिन उसके ऊपर हमले होने पर उसने अमेरिका और इज़राईल के इस तरह के ठिकानों पर हमले किए जैसे उसके ऊपर अमेरिका इज़राईल ने किए I जैसे अमेरिका इज़राईल ने ईरान के हवाई अड्डे, कारखानों, रिफाइनरियों, परमाणु ठिकानों आदि पर हमले किए। ईरान ने पहले बताया कि आपके ऐसे ही ठिकानों पर हमले किया जाएगा और किया। ईरान ने जो कहा वही किया, जबकि इज़राईल और अमेरिका अपनी बातों और नीतियों से पलटते दिखाई दिए। ईरान ने कहकर इज़राईल और अमेरिकी ठिकानों पर जहां चाहा वहीं आक्रमण किया I ऐसा विश्व में पहली बार हुआ I

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